90 हजार से अधिक ई पास जारी कर इन्दौर ने मध्यप्रदेश में रचा इतिहास

★ आनलाईन आवेदन पर तुरंत मिलीअनुमति
★ 20 दिन में इंदौर से लाखों लोग हुए रवाना

इन्दौर। तालाबंदी में फंसे लाखों लोगों के लिए 90 हजार से अधिक ई पास जारी कर जिला प्रशासन ने इतिहास रचा है, संभवत: प्रदेश में सबसे अधिक ई पास इन्दौर से ही जारी किए गए है। इस व्यवस्था की जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण के सीईओ विवेक श्रोत्रिय के पास थी, जिसका उन्होने बखूबी निर्वहन किया है।

25 मार्च को तालाबंदी के बाद कई लोग इन्दौर में ही फंस गए थे, ऐसे लोगों की संख्या लाखों में थी। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही अन्य प्रदेशों के लोग भी इनमे शामिल थे। छात्र, नौकरीपेशा, व्यापार जगत के अलावा कई लोग ऐसे भी थे जो शादी समारोह व अन्य दूसरे कारणों से अपने रिश्तेदार व परीचितों के यहां आए थे, लेकिन तालाबंदी की सख्ती से जहां थे वहीं पर रूकने के लिए मजबूर हुए। दूसरे दौर की तालाबंदी के बाद प्रशासन ने शर्तों के साथ ऐसे लोगों को इन्दौर से बाहर जाने की अनुमति देने का निर्णय लिया। इसके लिए आनलाईन आवेदन करने पर ई पास जारी किए गए। आवेदन में वाहन नंबर के साथ ही आधार या अन्य आवश्यक दस्तावेज की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया। ई पास व्यवस्था की जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण के सीईओ विवेक श्रोत्रिय को सौंपी गई, जो पहले से ही 46 क्वेरेंटिन सेंटरों की व्यवस्था भी देख रहे थे। शुरूआत में आन लाईन आवेदन के लिए एक सेंटर था, लेकिन बाद में संख्या बढऩे पर तीन सेंटर शुरू कर दिए गए। इन तीन सेंटरों से अभी तक 92 हजार से अधिक ई पास जारी किए जा चुके है।

■ दिन-रात जुटी टीम श्रोत्रिय
इन्दौर में फंसे लोग जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंच सके, इसके लिए देर रात्रि तक ई पास जारी किए गए। स्वयं श्रोत्रिय अपनी टीम के साथ रात-रातभर इस प्रक्रिया में जुटे रहे। आवेदन अधिक और सेंटर एक होने पर शुरूआत में दबाब था, इस कारण लोगों को जल्दी तारीखें नहीं मिल पा रही थी, तब दो सेंटर और चालू किए गए, इससे लोगों को जल्दी-जल्दी ई पास जारी होने लगे। वन ट्रीप और राउंड ट्रीप दोनों तरीके के ई पास जारी किए गए थे।

■ कई राज्यों के ई पास जारी
प्रदेश का ऐसा कोई जिला नहीं था, जिसके लिए इन्दौर से ई पास जारी नहीं किए गए हो, इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उप्र, बिहार, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों के लिए भी ई पास जारी किए गए। इसके अनुमान लगाया जा सकता है कि इन्दौर में कितने लोग अन्य स्थानों के फंसे हुए थे। कई लोग निजि वाहनों से तो कई लोग ऐसे भी थे जो हजारों खर्च कर ट्रेवल्स के वाहनों से इन्दौर से रवाना हुए। श्रोत्रिय ने भी जल्द से जल्द ई पास जारी करने में कोई कसर नहीं छोडी, अधिकांश पास 48 घंटे की निश्चित अवधि के पुर्व ही जारी किए गए।

■ दलालों ने वसूले हजारों
ई पास जारी करने में कई लोग व्यापार करने से भी नहीं चूके, लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए ई पास जारी करवाने के नाम पर ऐसे लोगों ने 3 से 5 हजार रूपए तक वसूले, ऐसे एक नहीं कई मामले प्रशासन की जानकारी में आए, तब ई पास नि:शुल्क जारी किए जाने की सूचना भी प्रशासन की और से जारी की गई।।

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