इंदौर में फर्जी कॉल सेंटर पर छापा : आठवीं -दसवीं पास युवा उड़ा रहे थे अमेरिकियों के ‘होश’|

कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह में शामिल कई युवा कर्मचारी आठवीं-दसवीं पास हैं। अमेरिकी भाषा और समझ पर किसी को संदेह नहीं होता था और आरोपित करोड़ों रुपये ठगते चले गए। पुलिस अब इस गिरोह के सरगना करण भट्ट और हर्ष भावसार (अहमदाबाद) की तलाश में जुटी है। डीआइजी हरिनारायणाचारी मिश्र के अनुसार पुलिस ने मौके से 20 सीपीयू, सर्वर और मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस मुख्यालय के माध्यम से अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ को भी फर्जीवाड़े की जानकारी और रिपोर्ट भेजी जाएगी।

क्राइम ब्रांच एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर के अनुसार मुख्य आरोपित जयराज पटेल और जोशी फ्रांसिस सहित 8 लोगों को रिमांड पर लिया है। शेष 13 लड़के लड़कियों को कोर्ट पेश कर जेल भेज दिया गया है।

ठगी के तरीके और पांच सवालों के जवाब सीख कर बने ठग
तरीका -1 : आरोपित अमेरिकी पहचान पत्र सोशल सिक्यूरिटी कार्ड (एसएससी) अधिकारी बनते थे। उनसे कहा जाता था कि प्रबंधन को आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने की शिकायत मिली है। लिहाजा कार्ड ब्लॉक कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपित फ्रांसिस, पीटर, सेंडो, सैंकी जैसे अमेरिकी नामों से बतियाते थे।

तरीका -2 : आरोपित लोन स्वीकृत करवाने के बहाने भी ठगी कर रहे थे। अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर लोन राशि का कुछ हिस्सा खातों में जमा करवाते और वॉलमार्ट गिफ्ट कार्ड बनवा कर उनके नंबर व पिन लेकर रुपये उड़ा देते थे। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें पांच सवालों के जवाब देना सिखाया जाता था। नागरिकों द्वारा सवाल करने पर फर्राटे से जवाब देने की कोशिश करते थे। किसी भी तरह की उलझन होने पर सीनियर के पास कॉल ट्रांसफर कर देते थे।
इन आरोपितों को पकड़ा

चिंतन रादोया, अदान दसान, कुलदीप चुड़ासमा, संदीप देवनाथ, राहुल श्वेतांबली, मेहुल पारिख, यश प्रजापति, हिमांशु सांखला, करण पटेल, अर्पित विजयवर्गीय, जितेंद्र रजक, महिमा पटेल, चंचल, रोशन गोस्वामी, आलिया शेख, रोहित सोनी, आकृति सिंह, विशाल पटेल सहित 21 को पकड़ा है।

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