इंदौर में देश का सबसे सख़्त लॉक डाउन फिर भी औसत 70 मरीज प्रतिदिन आज 78 मरीज पॉजिटिव आये है ।

कहा हो रही चूक

बुधवार को एक बार फिर इंदौर शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 75 पार मतलब 78 रहा। जबकि 769 मरीजों के सैंपल जांच में नेगेटिव मिले हैं। वहीं शहर में पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 3260 और कोरोना से कुल 1555 मरीज स्वस्थ स्वस्थ हो चुके हैं।
आखिरकार इंदौर से कहां चूक हो रही है की शहर में प्रतिदिन पॉजिटिव मरीजों की संख्या औसत 70 आ रही है क्यों जिम्मेदार अधिकारी इस अचूक को पकड़ने नाकाम साबित हो  रहे हैं सरकार चलने वाले भी इनका लोहा मानते है। वहीं इंदौर में देश का सबसे सख्त लॉक डाउन लागू किया गया है। जिस तरह की छूट पुणे दिल्ली मुंबई अहमदाबाद भोपाल जैसे शहरों में दी है वैसे छूट इंदौर जिला प्रशासन ने इंदौर वासियों को कभी नहीं है और ना ही दी जायेगी। यहाँ सब्जी और किराना जैसी आवश्यक वस्तुओं पर नगर निगम का इतना सख्त पहरा है कि अब खेत में पहुंचकर भी सब्जियां जब तक की जाने लगी है। पुलिस की मुस्तैदी ऐसी है कि किसानों की सब्जियां पैरों तले  रौंदी दी जा रही है। गली मोहल्ले की किराना दुकान है पिछले 63 दिनों से बंद पड़ी हुई है। होम डिलीवरी के नाम पर मनमानी कीमत शहर के लोग अदा करने पर मजबूर हैं। इलेक्ट्रिक बिजली फिटिंग का काम करके दीहाडी कमाने वाला बेरोजगार है। कई फैक्ट्री मालिकों ने काम नहीं होने पर मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कई संस्थानों ने अपने कर्मचारियों को 4 माह से वेतन ही नहीं दिया। लॉक डाउन कर्फ्यू की सख्ती इतनी थी कि घर में रहे तो बिजली का बिल बड़ गया और चुकाने के लिए पैसे नहीं है। ऑटो टैक्सी रिक्शावाले तो अपना काम धंधा भूल ही जाएं क्योंकि सख्ती पालन उन्हें अभी और करना है, लेकिन बैंक की ईएमआई और आईडीए किस्त 2 माह की एक साथ देना है। सख्ती अभी और रहेगी कारपेंटर, पेंटर, कपड़ा, मिठाई, इलेक्ट्रिक दुकान वाले राहत की उम्मीद ना करें।

पत्रकार शैलेन्द्र वर्मा

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